अगर आप pmayg.nic.in खोलने की कोशिश कर रहे हैं और पेज नहीं खुल रहा, तो आपके फ़ोन या इंटरनेट में कोई खराबी नहीं है।
PMAY-G का आधिकारिक पोर्टल बदल चुका है। ग्रामीण विकास विभाग ने पूरा सिस्टम नए पते पर शिफ्ट कर दिया है, और पुराने pmayg.nic.in, awaassoft.nic.in तथा iay.nic.in पते अब ज़्यादातर connection से खुलते ही नहीं। बावजूद इसके, हिंदी की सैकड़ों वेबसाइटें आज भी वही पुराना link सिखा रही हैं — और लोग बार-बार कोशिश करके यह मान बैठते हैं कि “लिस्ट अभी आई ही नहीं है।”
नया पता याद कर लीजिए:
| पुराना पता (बंद) | नया पता (चालू) |
|---|---|
| pmayg.nic.in | pmayg.dord.gov.in |
| iay.nic.in | pmayg.dord.gov.in |
| awaassoft.nic.in | awaassoft.pmayg.dord.gov.in |
| rhreporting.nic.in | report.pmayg.dord.gov.in |
इस लेख में PM Awas Yojana Gramin List 2026 चेक करने के तीन तरीके, स्थिति (status) का असली मतलब, 2024 में बदली हुई पात्रता, और पैसा किन किस्तों में आता है — सब क्रम से समझाया गया है।
तरीका 1: पंजीकरण संख्या से अपना रिकॉर्ड देखें (सबसे तेज़)
अगर आपके पास 12 अंकों की Registration Number है — यह आपके स्वीकृति पत्र (sanction letter) पर छपी होती है — तो यह सबसे सीधा रास्ता है।
- pmayg.dord.gov.in खोलें
- ऊपर के मेन्यू में Stakeholders पर जाएँ
- IAY/PMAYG Beneficiary चुनें (यह पेज awaassoft.pmayg.dord.gov.in पर खुलेगा)
- अपनी पंजीकरण संख्या और captcha भरकर Submit दबाएँ
स्क्रीन पर आपका पूरा रिकॉर्ड आएगा — नाम, पिता/पति का नाम, फोटो, राज्य, ज़िला, ब्लॉक, पंचायत, स्वीकृति आदेश की तारीख और किस्तों की स्थिति।
तरीका 2: बिना पंजीकरण संख्या के — Advanced Search
बहुत से परिवारों के पास registration number होती ही नहीं, खासकर जिनका सर्वे हाल ही में हुआ है। उनके लिए:
- उसी IAY/PMAYG Beneficiary पेज पर Advanced Search पर क्लिक करें
- राज्य → ज़िला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत → गाँव चुनें
- इनमें से कोई एक जानकारी भरें: पूरा नाम, पिता या पति का नाम, BPL नंबर के साथ खाता संख्या, या स्वीकृति आदेश संख्या
- खोज करें
नाम की स्पेलिंग सरकारी रिकॉर्ड में जैसी दर्ज है वैसी ही डालिए। “रामकिशन” और “राम किशन” अलग-अलग परिणाम देते हैं — यही सबसे आम वजह है जिससे लोगों को लगता है कि उनका नाम है ही नहीं।
तरीका 3: पूरे गाँव की सूची डाउनलोड करें (सबसे भरोसेमंद)
यह तरीका सबसे कम लोग जानते हैं और सबसे ज़्यादा काम का है, क्योंकि इसमें आपको पूरे गाँव का रिकॉर्ड एक साथ मिल जाता है — नाम, पंजीकरण संख्या, स्वीकृति की स्थिति और किस्तों की तारीख़ें।
- report.pmayg.dord.gov.in खोलें (या pmayg.dord.gov.in पर Awaassoft → Report से जाएँ)
- रिपोर्ट सूची में नीचे Social Audit Reports वाले हिस्से तक जाएँ
- “Beneficiary details for verification” पर क्लिक करें
- वर्ष, राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें
- Captcha भरकर रिपोर्ट खोलें — इसे Excel में डाउनलोड भी किया जा सकता है
यह सूची सार्वजनिक जानकारी है। कोई भी इसे देख सकता है, किसी login की ज़रूरत नहीं। परिवार में झगड़ा हो या पंचायत स्तर पर कोई गड़बड़ी का शक हो, तो यही रिपोर्ट सबसे मज़बूत सबूत होती है।
आपकी स्थिति का असली मतलब क्या है
सूची में नाम दिख जाना पूरी कहानी नहीं है। रिकॉर्ड में जो status लिखा आता है, उसके मायने अलग-अलग होते हैं — और यही वह जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग गलतफहमी में रह जाते हैं।
| स्क्रीन पर क्या दिखता है | असली मतलब | अब क्या करें |
|---|---|---|
| नाम है, Sanction Order date दर्ज है | घर स्वीकृत हो चुका है | पहली किस्त का इंतज़ार करें; निर्माण शुरू करने की तैयारी रखें |
| नाम है, पर किस्त की कोई तारीख नहीं | स्वीकृति हुई है, भुगतान प्रक्रिया अभी बाकी | बैंक खाता आधार से जुड़ा (seeded) है या नहीं, यह जाँचें |
| पहली किस्त आई, दूसरी नहीं | निर्माण की geo-tagged फोटो अपलोड नहीं हुई | ग्राम रोज़गार सहायक / आवास मित्र से मिलकर फोटो अपलोड कराएँ |
| नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची में है, स्वीकृति नहीं | पात्र हैं, पर आपके गाँव का लक्ष्य (target) अभी नहीं आया | अगले वित्तीय वर्ष के आवंटन का इंतज़ार |
| नाम कहीं नहीं मिल रहा | या तो सर्वे नहीं हुआ, या पात्रता में बाहर हो गए | नीचे “नाम नहीं है तो” वाला हिस्सा पढ़ें |
दूसरी और तीसरी किस्त अटकने की सबसे आम वजह तकनीकी होती है, भ्रष्टाचार नहीं — निर्माण की स्तर-वार geo-tagged फोटो portal पर अपलोड न होना। यह काम पंचायत स्तर के कर्मचारी करते हैं, इसलिए बार-बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने से पहले पंचायत में पता कीजिए।
पात्रता: 2024 में क्या-क्या बदला
यह हिस्सा ध्यान से पढ़िए, क्योंकि अगस्त 2024 में सरकार ने बाहर करने वाले नियम (exclusion criteria) काफी ढीले कर दिए थे। इसका सीधा मतलब यह है कि जो परिवार पहले अपात्र थे, उनमें से बहुत सारे अब पात्र हैं — लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं है।
| नियम | पहले | अब (2024 के बाद) |
|---|---|---|
| मासिक आय की सीमा | ₹10,000 | ₹15,000 |
| दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) | अपात्र कर देता था | अब बाधा नहीं |
| फ्रिज | अपात्र कर देता था | अब बाधा नहीं |
| लैंडलाइन फोन | अपात्र कर देता था | अब बाधा नहीं |
| मोटर वाली मछली पकड़ने की नाव | अपात्र कर देता था | अब बाधा नहीं |
| कृषि भूमि | सख़्त सीमा | 2.5 एकड़ सिंचित / 5 एकड़ असिंचित तक स्वीकार्य |
अब भी कौन अपात्र है
ये शर्तें ज्यों की त्यों हैं:
- परिवार के पास मोटर वाला तिपहिया या चौपहिया वाहन हो
- मशीनी तिपहिया/चौपहिया कृषि उपकरण हो
- ₹50,000 या उससे अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड हो
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो (वेतन चाहे कितना भी हो)
- पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम हो
- परिवार आयकर या व्यवसाय कर देता हो
- भारत में कहीं भी पक्का मकान हो
- पहले PMAY या इंदिरा आवास योजना का लाभ ले चुके हों
स्वतः शामिल होने वाली श्रेणियाँ
इन परिवारों को अलग से पात्रता साबित नहीं करनी होती:
- बेघर परिवार
- भिक्षा पर जीवन यापन करने वाले निराश्रित
- हाथ से मैला ढोने वाले
- आदिम जनजातीय समूह (PVTG)
- कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मज़दूर
पैसा कितना और कैसे मिलता है
PM Awas Yojana Gramin में सहायता राशि इस तरह है:
- ₹1.20 लाख — मैदानी क्षेत्रों में
- ₹1.30 लाख — पहाड़ी, पूर्वोत्तर और कठिन/IAP ज़िलों में
लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है। इसके साथ जुड़ते हैं:
- मनरेगा के तहत 90 से 95 दिन की अकुशल मज़दूरी, तय दर पर
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000
- मकान का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर, जिसमें स्वच्छ रसोई शामिल
पैसा एकमुश्त नहीं आता। यह DBT के ज़रिए सीधे लाभार्थी के आधार-जुड़े बैंक खाते में किस्तों में आता है, और हर किस्त निर्माण की प्रगति से बंधी होती है — नींव, दीवार, छत के स्तर पर geo-tagged फोटो सत्यापित होने के बाद ही अगली किस्त जारी होती है।
वर्तमान चरण 2024-25 से 2028-29 तक चल रहा है, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे ज़रूरी बात: इस योजना में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता
यह बात साफ़ समझ लीजिए, क्योंकि इसी अज्ञानता पर पूरा ठगी का धंधा टिका हुआ है।
PMAY-G में कोई व्यक्ति खुद पोर्टल पर जाकर आवेदन नहीं कर सकता। pmayg.dord.gov.in पर आवेदन का कोई फॉर्म है ही नहीं — वह पोर्टल सरकारी अधिकारियों की data entry के लिए है।
पात्रता तय होती है दो स्रोतों से:
- SECC 2011 आधारित स्थायी प्रतीक्षा सूची
- Awaas+ 2024 सर्वे, जो खासतौर पर उन परिवारों के लिए शुरू किया गया जो SECC 2011 में छूट गए थे
नाम जुड़वाने का रास्ता ग्राम पंचायत से होकर जाता है — आवास मित्र या ग्राम रोज़गार सहायक के माध्यम से Awaas+ सर्वे में शामिल होना, फिर ग्राम सभा द्वारा सत्यापन।
इसलिए:
- कोई भी वेबसाइट “PMAY फॉर्म भरवाने” के पैसे माँगे तो वह फर्जी है
- कोई व्यक्ति “लिस्ट में नाम जुड़वा दूँगा” कहकर पैसे माँगे तो वह दलाल है, अधिकारी नहीं
- कोई app या link WhatsApp पर आए तो उस पर आधार या बैंक विवरण कभी मत डालिए
एकमात्र आधिकारिक पते वही हैं जो इस लेख की शुरुआत में दिए गए हैं।
सूची में नाम नहीं है — अब क्या करें
तीन अलग स्थितियाँ हैं, और तीनों का इलाज अलग है।
पहली — सर्वे ही नहीं हुआ। अगर आपका परिवार SECC 2011 में दर्ज नहीं था और Awaas+ सर्वे में भी शामिल नहीं हुआ, तो सूची में नाम आने का सवाल ही नहीं उठता। ग्राम पंचायत में आवास मित्र या ग्राम रोज़गार सहायक से संपर्क कीजिए और सर्वे में शामिल होने का अनुरोध कीजिए। ग्राम सभा की बैठक में यह मुद्दा उठाना सबसे कारगर तरीका है, क्योंकि अंतिम सत्यापन वहीं होता है।
दूसरी — सर्वे हुआ, पर पात्रता में बाहर हो गए। पहले जाँचिए कि आप किस आधार पर बाहर हुए। हो सकता है वह आधार अब लागू ही न हो — जैसे दोपहिया वाहन या फ्रिज, जो 2024 के बाद अपात्रता का कारण नहीं रहे। ऐसी स्थिति में पंचायत के ज़रिए आपत्ति दर्ज कराइए और अपने रिकॉर्ड में सुधार का अनुरोध कीजिए।
तीसरी — नाम है, पर स्वीकृति नहीं मिली। इसका मतलब है आप प्रतीक्षा सूची में हैं और आपके गाँव को उस वर्ष का लक्ष्य नहीं मिला। यह किसी की गलती नहीं, आवंटन की प्रक्रिया है। अगले वित्तीय वर्ष में क्रम आने की संभावना बनी रहती है।
शिकायत कहाँ करें
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446
- केंद्रीय लोक शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in
- ज़िला स्तर: ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) या खंड विकास अधिकारी (BDO)
लाभार्थी सूची सार्वजनिक जानकारी है, इसलिए यदि पंचायत स्तर पर जानकारी न मिले तो सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत BDO कार्यालय से इसे माँगा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM Awas Yojana Gramin List 2026 किस वेबसाइट पर देखें? नए आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर। पुराना pmayg.nic.in पता अब काम नहीं करता।
बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के नाम कैसे देखें? IAY/PMAYG Beneficiary पेज पर Advanced Search का उपयोग करके — राज्य, ज़िला, ब्लॉक, पंचायत और गाँव चुनकर नाम या पिता के नाम से खोजा जा सकता है।
गाँव की पूरी सूची कैसे डाउनलोड करें? report.pmayg.dord.gov.in पर Social Audit Reports में “Beneficiary details for verification” रिपोर्ट से, जिसे Excel में डाउनलोड किया जा सकता है।
PMAY ग्रामीण में कितना पैसा मिलता है? मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/पूर्वोत्तर/कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख, साथ में मनरेगा मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000।
क्या मोटरसाइकिल होने पर आवास नहीं मिलेगा? मिलेगा। अगस्त 2024 के बाद दोपहिया वाहन, फ्रिज और लैंडलाइन फोन अपात्रता का कारण नहीं रहे।
क्या PMAY-G के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं? नहीं। पात्रता SECC 2011 और Awaas+ 2024 सर्वे के आधार पर तय होती है। नाम जुड़वाने का रास्ता ग्राम पंचायत और ग्राम सभा से होकर जाता है।
दूसरी किस्त क्यों नहीं आ रही? सबसे आम वजह निर्माण की geo-tagged फोटो पोर्टल पर अपलोड न होना है। यह काम पंचायत स्तर पर होता है।
SECC 2011 में नाम नहीं है, फिर भी घर मिल सकता है? हाँ। Awaas+ 2024 सर्वे इसी उद्देश्य से शुरू किया गया था — उन परिवारों को जोड़ने के लिए जो SECC 2011 में छूट गए थे।
निष्कर्ष
PM Awas Yojana Gramin List 2026 देखने में सबसे बड़ी बाधा जानकारी की कमी नहीं, पुरानी जानकारी है। पोर्टल का पता बदल चुका है और पात्रता के नियम ढीले हो चुके हैं — दोनों बदलाव ऐसे हैं जिनकी खबर बहुत से पात्र परिवारों तक अब तक पहुँची ही नहीं।
अगर आपको पहले “अपात्र” बताया गया था, तो एक बार नए नियमों से अपनी स्थिति दोबारा जाँच लीजिए। और अगर सूची में नाम है, तो अपना बैंक खाता आधार से जुड़ा होना सुनिश्चित कर लीजिए — किस्त वहीं आकर सबसे ज़्यादा अटकती है।
यह लेख ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई गई योजना जानकारी पर आधारित है। नियमों और पोर्टल में बदलाव संभव है — कोई भी कदम उठाने से पहले pmayg.dord.gov.in पर मूल जानकारी अवश्य देखें। यह वेबसाइट किसी सरकारी विभाग से संबद्ध नहीं है और यहाँ किसी भी सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
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